स्कूल लाइफ वो दौर होता है जहाँ मासूमियत, दोस्ती और बेफिक्र हँसी साथ चलती है। वही टिफ़िन शेयर करना, टीचर से डाँट खाना और दोस्तों के साथ बिताए अनमोल पल ज़िंदगी भर याद रहते हैं। School Life Shayari उन्हीं सुनहरी यादों को शब्दों में समेटने की एक कोशिश है। ये स्कूल लाइफ शायरी हमें उस दौर में वापस ले जाती है, जहाँ खुशियाँ छोटी थीं लेकिन मुस्कान सच्ची होती थी।
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School Life Shayari
वो घंटी की आवाज़ आज भी याद आती है,
क्लास से भागने की शरारत सताती है,
स्कूल की ज़िंदगी थी सबसे खास,
जहाँ हर परेशानी छोटी लग जाती है।
टिफ़िन आधा मेरा, आधा दोस्त का,
होमवर्क हमेशा किसी और का,
स्कूल लाइफ थी बेफिक्र सी,
ना टेंशन कल की, ना फिक्र आज का।

टीचर की डाँट में भी प्यार था,
दोस्ती में सच्चा इकरार था,
स्कूल के वो दिन क्या दिन थे,
जहाँ हर चेहरा मुस्कान से भरा था।
पहली बेंच का घमंड अलग था,
आख़िरी बेंच का मज़ा अलग था,
स्कूल की हर एक याद में,
खुशियों का ही नशा अलग था।
कॉपी के पीछे लिखे ख्वाब,
डेस्क पर उकेरे नाम बेहिसाब,
स्कूल की वो छोटी बातें,
आज भी दिल को कर देती हैं खराब।
रिज़ल्ट का डर, छुट्टी की खुशी,
दोस्तों संग हर पल मस्ती,
स्कूल लाइफ ने सिखाया हमें,
ज़िंदगी की पहली सादगी।

पीरियड खत्म होने की दुआ करते थे,
छुट्टी के प्लान पहले से रखते थे,
स्कूल की वो नादान दुनिया,
जहाँ हम सच में खुश रहते थे।
यूनिफ़ॉर्म में सपने छुपे थे,
आँखों में दुनिया जीतने के इरादे थे,
स्कूल की वो मासूम उम्र,
जहाँ डर कम और हौसले ज़्यादा थे।
ब्लैकबोर्ड पर लिखी हर बात,
ज़िंदगी की बन गई सौगात,
स्कूल ने सिखाया जीना हमें,
दोस्ती, इज़्ज़त और साथ।
बारिश में स्कूल जाना भी खास था,
भीगे जूते में भी मज़ा साथ था,
स्कूल लाइफ की हर परेशानी,
आज के ग़मों से बहुत आसान था।
कॉपी साफ़ रखने की कोशिश,
फिर भी रेड मार्क की बारिश,
स्कूल की हर एक गलती में,
छुपी थी सीख की कोशिश।
रोल नंबर से होती पहचान थी,
हर दोस्त मेरी जान था,
स्कूल की वो प्यारी दुनिया,
जहाँ हर रिश्ता बेमिसाल था।
क्लास में चुपके हँसना,
टीचर से नज़रें बचाना,
स्कूल लाइफ की शरारतें,
आज भी दिल को गुदगुदाना।
पहला क्रश, पहली दोस्ती,
पहली जीत, पहली गलती,
स्कूल लाइफ ने दी हमें,
ज़िंदगी की पहली हस्ती।
होमवर्क न करने की सज़ा,
फिर भी चेहरे पर था मज़ा,
स्कूल के वो दिन क्या कहें,
जहाँ हर पल था छोटा सा नशा।
लंच ब्रेक का इंतज़ार रहता था,
दोस्तों का पूरा दरबार रहता था,
स्कूल की वो दोपहरें,
जहाँ वक्त भी ठहर जाता था।

डायरी में नोट्स कम,
डूडल्स ज़्यादा होते थे,
स्कूल लाइफ में सपने,
हर पन्ने पर सोते थे।
एग्ज़ाम के बाद की राहत,
छुट्टियों की मीठी शुरुआत,
स्कूल लाइफ ने दी हमें,
यादों की सबसे खूबसूरत सौगात।
आज भी वो दोस्त याद आते हैं,
जिनके साथ हँसते-रोते थे,
स्कूल की वो सच्ची दोस्ती,
जो आज भी दिल में बसते हैं।
वक्त बीत गया, हम बड़े हो गए,
पर दिल आज भी वहीं रह गया,
स्कूल लाइफ की उन गलियों में,
जहाँ बचपन हँसता रह गया।